Art of War Nine Situaions

युद्ध की कला 11: नौ परिस्थितियाँ

सैन्य रणनीतिकार सून त्ज़ु ने अध्याय 11 में कहा है: युद्ध की कला में मैदान की नौ किस्मों की पहचान उजागर होती है: (1) फैलाव का मैदान (2) सुगम मैदान (3) विवादास्पद मैदान (4) खुला मैदान; (5) राजमार्गों को जोड़ने का मैदान (6) गंभीर मैदान (7) कठिन मैदान (8) घिरा

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युद्ध की कला 10: इलाके

सैन्य रणनीतिकार सून त्ज़ु ने अध्याय 10 में कहा है: हम इलाके/मैदानों के छ: प्रकार के भेद कर सकते हैं: (1) सुलभ इलाके (2)  उलझाऊ इलाके; (3) अनिश्चित इलाके (4) संकीर्ण इलाके (5) खड़ी ऊँचाई वाले  इलाके (6) शत्रु से बड़ी दूरी पर स्थिति इलाके। ऐसा इलाका जो दोनों पक्षों

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युद्ध की कला 9: सेना का मार्च करना 

सैन्य ज्ञान की चार उपयोगी शाखाएँ सैन्य रणनीतिकार सून त्ज़ु ने अध्याय 9 में कहा है: अब हम सेना का पड़ाव डालने और दुश्मन के संकेतों को देखने के सवाल पर आते हैं। पहाड़ों पर से तेज़ी से गुज़र जाएं और घाटियों के निकट रहें। ऊंचे स्थानों पर सूर्य के

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युद्ध की कला 8: युद्ध नीति में बदलाव

सैन्य रणनीतिकार सून त्ज़ु ने अध्याय 8 में कहा है: युद्ध में, सेनापति शासक से अपने आदेश प्राप्त कर अपनी सेना इकट्ठा करके उसे केंद्रित करता है। जब मुश्किल देश में हों तो वहाँ पड़ाव न डालें। देश में जहां ऊंची सड़कें आपस में मिलती हों वहाँ अपने सहयोगियों के साथ

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युद्ध की कला 7: पैंतरेबाज़ी

सैन्य रणनीतिकार सून त्ज़ु ने अध्याय 7 में कहा है: युद्ध में,  सेनापति  राजा से  आज्ञा लेकर सेना एकत्रित करके उसे केंद्रित करता है, उसके पश्चात उसे अपना शिविर स्थापित करने से पहले विभिन्न तत्वों को मिश्रित करके उनमें सामंजस्य बिठाना चाहिए। फिर  सामरिक पैंतरेबाज़ी आती है जिससे अधिक कठिन

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