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करोना वायरस से बचाव हेतु तीन आसान योग क्रियाएँ

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Yoga Activities to Prevent Corona: वैसे तो अब तक हम सब जान चुके हैं कि करोना जैसे खतरनाक वाईरस से बचाव हेतु किस किस प्रकार की सावधानियाँ बरतनी है जिनके बारे में डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग, क्षेत्रीय व केंद्रिय सरकारी विभाग, वैश्विक संगठन WHO तथा मीडिया हमें सतर्क कर चुका है एवं लगातार सूचनाएँ ज़ारी करते आ रहे हैं।

वर्तमान में, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के विश्वस्त स्रोत के अनुसार, नोवेल करोना वायरस के लिए इंक्युबेशन अवधि (संक्रमण और पहले लक्षणों के प्रकट होने के बीच की अवधि) अंदाज़न 2 से 14 दिनों के बीच कहीं है। भरोसेमंद स्रोत की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, औसत इंक्युबेशन अवधि लगभग 5 दिन होती है हालाँकि यह अनुमान बदल सकता है क्योंकि हम वायरस के बारे में प्रतिदिन कुछ अधिक सीखते हैं। तो हमारी अतिरिक्त सुरक्षा हेतु 3 सरल किंतु विज्ञानपरक योग क्रियाओं को समझते हैं जिन्हें हर कोई आसानी से करके लाभ उठा सकता है:

कृपया ध्यान देंवे कि किसी भी प्रकार की बीमारियों में निम्न योग क्रियाओं का अभ्यास नहीं किया जाना चाहिए । मामूली रोगों में भी अपने डॉक्टर की सलाह के पश्चात ही किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में ही ये क्रियाएं करें।

1. जलनेति क्रिया Yoga Activities to Prevent Corona

जल नेति योग में षट्कर्म ( शुद्धि क्रिया) की एक विधि है हालांकि इस शुद्धि क्रिया से अनजान व्यक्ति को इसे करने में बड़ा डर लग सकता है लेकिन वास्तव में यह एक बहुत ही आसान विधि है: एक विशेष प्रकार के लोटे में गुनगुना नमकीन पानी भरकर एक नासिका छिद्र से डालकर दुसरी तरफ के छिद्र से बाहर निकालते हैं फिर विपरित दिशा से यही क्रिया दोहराते हैं। जल नेति संपूर्ण क्रिया समझने हेतु निम्न You Tube Video देखें:

नेति मुख्यरुप से कपाल और श्वसन-मार्ग के शोधन की क्रिया है और नमकीन पानी विषाक्त पदार्थों को अंगों से बाहर निकालता है एंव विषाणुओं का नाश करता है एंव चुंकि करोना वायरस के संदर्भ में देखें तो करोना के संक्रमण से सर्वप्रथम श्वसन सम्बंधी लक्षण उभरते हैं जैसे बहती नाक, छींक, सर्दी-ज़ुकामके साथ बुखार आदि। अत:एव समय रहते हम यदि नियमित रुप से जल नेति की क्रिया करते रहे तो हमार श्वसन तंत्र दूषित नही रहेगा और संक्रमण की सम्भावना काफी हद तक घट जाएगी।

2. कपालभाति क्रिया

कपालभाति भी योग में षट्कर्म की एक विधि है। कपाल भाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें। इसके बाद पेट को धक्के से यथासंभव अंदर की ओर संकुचित (खींचते) हुए तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से साँस को बाहर फेंकें। संपूर्ण क्रिया समझने हेतु निम्न You Tube Video देखें:

कपाल यानि मस्तिष्क और भाति यानी शुद्धिकरण से उपजी चमक। कपाल भाति बहुत ऊर्जावान उच्च स्तरिय श्वास व्यायाम है तो इसके नियमित अभ्यास करने से भविष्य में कफ से संबंधित रोग जैसे: सर्दी, ज़ुकाम, खाँसी आदि विकार दूर होते हैं व साँस के रोग नहीं होते तथा शरीर के इन भागो की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
धक्के से सांस-प्रवास करने के कारण गले व फेफड़ों के भीतर ज़मा विषाक्त पदार्थों, अशुद्ध हवा आदि बाहर निकल कर शुद्ध वायु भीतर प्रवेश करती है, शुद्ध रक्त का संचार होकर फेफड़ों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे कीटाणु और विषाणु न तो असानी से प्रवेश कर सकते हैं ना ही पनप सकते हैं। तो स्वाभाविक रुप से  करोना के संक्रमण से बचने में कपालभाति क्रिया काफी कारगर साबित होगी।

3. भस्त्रिका प्राणायाम  Yoga Activities to Prevent Corona

भस्त्रिका प्राणायाम में सांस की गति धौंकनी (Blower) की तरह हो जाती है यानी श्वास की प्रक्रिया को जल्दी-जल्दी करना ही भस्त्रिका प्राणायाम कहलाता है।
पद्मासन या सुखासन में बैठ कर कमर, गर्दन, पीठ एवं रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए शरीर को बिल्कुल स्थिर रखें तथा आँखें और मुंह बंद कर दें। इसके बाद बिना शरीर को हिलाए पूर्ण एकाग्रता और लय के साथ नाक से श्वास की प्रक्रिया को जल्दी-जल्दी करना है अर्थात अपने दोनों नासिका छिद्र से आवाज करते हुए तेजी गति से श्वास भरें और इसी प्रकार श्वास को बाहर छोड़ें। विस्तृत विधि निम्न You Tube Video में देंखे एवं समझें:

भस्त्रिका प्राणायाम के अनेक लाभ है लेकिन करोना महामारी के सन्दर्भ में देखें तो यह क्रिया शरीर में ऑक्सीजन की अधिक मात्रा उपलब्ध करती है जिससे हमारा रक्त शुद्ध होता है विशेषकर फेफड़ों को मजबूत बनाती है और चूँकि करोना फेंफडों को ही सीधा संक्रमित करता है अत:एव भस्त्रिका प्राणायाम इससे सुरक्षा प्रदान करता है|
इसके अतिरिक्त इस प्राणायाम से जठराग्नि तेज हो जाती है, दमा, टीवी और सांसों के रोग दूर होते हैं। स्नायुमंडल मज़बूत बनता है, वात, पित्त और कफ के दोष दूर होते हैं तथा पाचन संस्थान, लीवर और किडनी की मसाज होती है। इस क्रिया से शरीर का ताप बढ़ता है जिससे शरीर से दूषित द्रव्य बाहर निकल जाते हैं। Yoga Activities to Prevent Corona.

उपरोक्त वर्णित तीनों क्रियाओं का नियमित अभ्यास करने से अनेकानेक शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभ होते हैं परंतु यहाँ हमने सिर्फ करोना-कोविंद-19 (CORONA/COVID-19) से बचाव के सम्बंध में इनका उल्लेख किया है। योग क्रियाएँ पुर्णत: सनातन व secular system हैं, इनका धर्म, देश एवम्‌ काल आदि से कोई सम्बंध नही तथापि इनका अभ्यास एक योग्य (qualified) गुरु के निर्देशन में समस्त नियमों और सावधानियों का पालन करते हुए करना चाहिये।

तो अगर आप करोना-कोविंद-19 (CORONA/COVID-19) से बचे  रहना चाहते हैं तो आज ही से उपरोक्त योग क्रियाओं का अभ्यास आरम्भ कर देवें और हमेशा नियमित रखें चाहे करोना का प्रकोप  चल रहा हो या खत्म हो गया हो। Yoga Activities to Prevent Corona.

DISCLAIMER: This article is published for informational purpose only. You must not rely on the information provided in this article as an alternative to medical advice from your doctor or other professional healthcare provider

You Tube Video Credits:

1. Jal Neti: Yoga With Raman

2. KapalBhati: Yoga With Raman

2. Bhastrika: Yoga With Raman

Featured Image: Photo By: Flash Alexander

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